Tuesday, October 20th, 2026

ग्रेटा थनबर्ग का ट्वीट खालिस्तानी संगठन के प्रोपेगंडा का हिस्सा

नई दिल्ली
किसान आंदोलन की आड़ में भारत के खिलाफ विदेशी प्रोपेगेंडा की हकीकत अब सामने आने लगी है।  एक जांच में खुलासा हुआ है कि कृषि कानूनों के खिलाफ भारत में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वालीं ग्रेटा थनबर्ग का ट्वीट खालिस्तानी संगठन के प्रोपेगंडा का हिस्सा था। दरअसल, ग्रेटा थनबर्ग ने एक ट्वीट किया था, जिसे उन्होंने बाद में डिलीट कर लिया। इसकी प्रारंभिक जांच में यह बात सामने निकलकर आयी है कि इसके पीछे कनाडा स्थित खालिस्तान का समर्थन करने वाले संगठन का हाथ है। 

वरिष्ठ सरकारी सूत्रों ने कहा कि ग्रेटा थनबर्ग ने अपने ट्वीट में जो पावर प्वाइंट टूलकिट का इस्तेमाल किया था, जिसका उद्देश्य भारत के हितों को नुकसान पहुंचाना है, एक स्वघोषित खालिस्तान समर्थक धालीवाल द्वारा स्थापित 'पीस फॉर जस्टिस' संगठन द्वारा तैयार किया गया था। यह कनाडा के वैंकूवर में स्थित है।

पॉवरपाइंट में भारत को निशाना बनाते हुए टास्क बांटे गए थे। टूलकिट में साममान रूप से 'भारत की योग और चाय की छवि को चोट पहुंचाने', '26 जनवरी को वैश्विक व्यवधान' के साथ-साथ कृषि कानूनों को निरस्त करना' मकसद था। थे। आपको बता दें कि थनबर्ग ने पोस्ट तो हटा दिया था, लेकिन इससे पहले भारत में कई लोगों ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
 
 

 

#ग्रेटा थनबर्ग

Source : Agency

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